- अपने ठिकाने से एहराम बाँधें
- मिना जाएँ; ज़ुहर से फ़ज्र तक नमाज़ें क़सर के साथ
- पूरे रास्ते तल्बिया
हज 1448: तारीख़ें, दिन-ब-दिन मनासिक और दुआएँ
हज और अरफ़ा के दिन तक उल्टी गिनती, 8–13 ज़िलहिज्जा का मार्ग, तल्बिया और दुआएँ, वीज़ा नियम और गर्मी के सुझाव।
ज़िलहिज्जा कैलेंडर
किसी दिन पर टैप करें — हाजी कहाँ हैं और क्या करते हैं- 1सूरज निकलने के बाद अरफ़ात जाएँ
- 2ज़ुहर और अस्र को मिलाकर क़सर के साथ
- 3वुक़ूफ़ — सूर्यास्त तक दुआ
- 4सूर्यास्त के बाद मुज़दलिफ़ा के लिए रवाना हों
आने वाले मुबारक दिन
उम्म अल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार बचे दिन · कैलेंडर बटन एक दिन पहले का रिमाइंडर जोड़ता हैहज दिन-ब-दिन
8–13 ज़िलहिज्जा · पवित्र स्थलों के बीच मार्ग, मनासिक और सुझाव- सूरज निकलने के बाद अरफ़ात जाएँ
- ज़ुहर और अस्र को मिलाकर क़सर के साथ
- वुक़ूफ़ — सूर्यास्त तक दुआ
- सूर्यास्त के बाद मुज़दलिफ़ा के लिए रवाना हों
- मुज़दलिफ़ा में फ़ज्र, कंकड़ियाँ इकट्ठा करें
- जमरतुल-अक़बा पर कंकड़ियाँ मारें (7)
- क़ुर्बानी (हदी)
- हल्क़ या क़सर, तवाफ़-ए-इफ़ाज़ा और सई
- ज़ुहर के बाद तीनों जमरात पर कंकड़ियाँ मारें
- रात मिना में बिताएँ
- ज़ुहर के बाद तीनों जमरात पर कंकड़ियाँ मारें
- जल्दी लौटना हो तो सूर्यास्त से पहले मिना छोड़ दें
- रुके हों तो तीनों जमरात पर कंकड़ियाँ मारें
- मक्का छोड़ने से पहले तवाफ़-ए-विदा
दुआएँ
अरबी पाठ, लिप्यंतरण, अर्थ और स्रोतلَبَّيْكَ اللَّهُمَّ لَبَّيْكَ، لَبَّيْكَ لَا شَرِيكَ لَكَ لَبَّيْكَ، إِنَّ الْحَمْدَ وَالنِّعْمَةَ لَكَ وَالْمُلْكَ، لَا شَرِيكَ لَكَ
Labbayk Allāhumma labbayk, labbayka lā sharīka laka labbayk, inna al-ḥamda wan-ni‘mata laka wal-mulk, lā sharīka lak
हाज़िर हूँ, ऐ अल्लाह, हाज़िर हूँ। हाज़िर हूँ, तेरा कोई साझी नहीं, हाज़िर हूँ। सारी तारीफ़, नेमत और बादशाहत तेरी है। तेरा कोई साझी नहीं।
لَا إِلَٰهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ، وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
Lā ilāha illā Allāhu waḥdahu lā sharīka lah, lahu al-mulku wa lahu al-ḥamd, wa huwa ‘alā kulli shay’in qadīr
अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं। बादशाहत उसी की है, तारीफ़ उसी के लिए है और वह हर चीज़ पर क़ादिर है।
رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ
Rabbanā ātinā fid-dunyā ḥasanatan wa fil-ākhirati ḥasanatan wa qinā ‘adhāban-nār
ऐ हमारे रब! हमें दुनिया में भी भलाई दे और आख़िरत में भी भलाई दे और हमें आग के अज़ाब से बचा।
إِنَّ الصَّفَا وَالْمَرْوَةَ مِنْ شَعَائِرِ اللَّهِ
Inna aṣ-Ṣafā wal-Marwata min sha‘ā’iri Allāh
बेशक सफ़ा और मरवा अल्लाह की निशानियों में से हैं।
اللَّهُ أَكْبَرُ، اللَّهُ أَكْبَرُ، لَا إِلَٰهَ إِلَّا اللَّهُ، وَاللَّهُ أَكْبَرُ، اللَّهُ أَكْبَرُ، وَلِلَّهِ الْحَمْدُ
Allāhu akbar, Allāhu akbar, lā ilāha illā Allāh, wallāhu akbar, Allāhu akbar, wa lillāhi al-ḥamd
अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं। अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह सबसे बड़ा है और सारी तारीफ़ अल्लाह के लिए है।
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स्रोतों के साथ छोटे जवाबउम्म अल-क़ुरा के अनुसार हज 1448 14 मई से 19 मई 2027 तक है; अरफ़ा का दिन शनिवार, 15 मई है। तारीख़ें ज़िलहिज्जा का चाँद दिखने के बाद तय होती हैं।
दुआएँ हदीस या आयत के स्रोत के साथ दी गई हैं; मूल पाठ पढ़ने के लिए लिंक खोलें। मसलकों के बीच हुक्म अलग होते हैं — निजी सवालों के लिए अपने इमाम या समूह प्रमुख से पूछें।