ذَهَبَ الظَّمَأُ، وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ، وَثَبَتَ الْأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللَّهُ
Dhahaba al-ẓama’u wabtallati al-‘urūqu wa thabata al-ajru in shā’ Allāh
प्यास बुझ गई, नसें तर हो गईं और अज्र पक्का हो गया, इंशा अल्लाह।
शुरुआत की तारीख़ और उल्टी गिनती, सहरी और इफ़्तार का समय, शब-ए-क़द्र, दुआएँ और ज़िक्र काउंटर — रोज़े और उमरा के लिए सब कुछ एक जगह।
ذَهَبَ الظَّمَأُ، وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ، وَثَبَتَ الْأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللَّهُ
Dhahaba al-ẓama’u wabtallati al-‘urūqu wa thabata al-ajru in shā’ Allāh
प्यास बुझ गई, नसें तर हो गईं और अज्र पक्का हो गया, इंशा अल्लाह।
أَفْطَرَ عِنْدَكُمُ الصَّائِمُونَ، وَأَكَلَ طَعَامَكُمُ الْأَبْرَارُ، وَصَلَّتْ عَلَيْكُمُ الْمَلَائِكَةُ
Afṭara ‘indakumu al-ṣā’imūn, wa akala ṭa‘āmakumu al-abrār, wa ṣallat ‘alaykumu al-malā’ikah
रोज़ेदार आपके यहाँ इफ़्तार करें, नेक लोग आपका खाना खाएँ और फ़रिश्ते आपके लिए दुआ करें।
اللَّهُمَّ إِنَّكَ عَفُوٌّ تُحِبُّ الْعَفْوَ فَاعْفُ عَنِّي
Allāhumma innaka ‘afuwwun tuḥibbu al-‘afwa fa‘fu ‘annī
ऐ अल्लाह! तू माफ़ करने वाला है और माफ़ी को पसंद करता है, तो मुझे माफ़ कर दे।
اللَّهُمَّ أَهِلَّهُ عَلَيْنَا بِالْيُمْنِ وَالْإِيمَانِ، وَالسَّلَامَةِ وَالْإِسْلَامِ، رَبِّي وَرَبُّكَ اللَّهُ
Allāhumma ahillahu ‘alaynā bil-yumni wal-īmān, was-salāmati wal-islām, rabbī wa rabbuka Allāh
ऐ अल्लाह! इस चाँद को हम पर बरकत और ईमान, सलामती और इस्लाम के साथ उदय कर। मेरा और तेरा रब अल्लाह है।
उम्म अल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार रमज़ान 1448 सोमवार, 8 फ़रवरी 2027 को शुरू होगा। अंतिम तारीख़ 29 शाबान की शाम चाँद दिखने के बाद तय होती है।
दुआएँ हदीस या आयत के स्रोत के साथ दी गई हैं; मूल पाठ पढ़ने के लिए लिंक खोलें। मसलकों के बीच हुक्म अलग होते हैं — निजी सवालों के लिए अपने इमाम या समूह प्रमुख से पूछें।